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क्या ग्रीन टी हाई BP के मरीजों के लिए फायदेमंद है? जानें वैज्ञानिक शोध क्या कहते हैं 

अगर किसी व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर है, तो उसके लिए यह सोचना बिल्कुल सामान्य है कि रोजमर्रा की कौन-सी चीजें उसके BP के लिए ठीक हैं और किन चीजों से उसे थोड़ा संभलकर रहना चाहिए। चाय भी इसी में आती है। खासकर ग्रीन टी को लेकर अक्सर कहा जाता है कि यह दिल के लिए अच्छी होती है, इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं और यह कई तरह से शरीर के लिए फायदेमंद हो सकती है।

लेकिन जैसे ही बात हाई BP की आती है, मन में एक छोटा-सा सवाल खड़ा हो जाता है—क्या ग्रीन टी सच में BP के मरीज के लिए अच्छी है या इसमें मौजूद कैफीन परेशानी बढ़ा सकता है?

इसका जवाब सीधा-सीधा “हां” या “नहीं” में देना थोड़ा मुश्किल है। वजह यह है कि ग्रीन टी का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता और वैज्ञानिक अध्ययनों में भी इसका फायदा बहुत बड़ा नहीं पाया गया है। फिर भी, अब तक हुए शोधों को देखें तो ग्रीन टी को पूरी तरह नजरअंदाज करने की भी जरूरत नहीं दिखती।

तो आइए, बिना किसी जल्दबाजी के समझते हैं कि आखिर वैज्ञानिक इस बारे में क्या कहते हैं।

ग्रीन टी और हाई ब्लड प्रेशर: विशेषज्ञों की राय और वैज्ञानिक प्रमाण 

सबसे पहले एक बात साफ कर देना जरूरी है। ग्रीन टी हाई ब्लड प्रेशर की दवा नहीं है। अगर किसी व्यक्ति को डॉक्टर ने BP की दवा दी है, तो ग्रीन टी पीने के कारण उस दवा को बंद करने का सवाल ही नहीं उठता।

हां, बात यहां थोड़ी अलग हो जाती है जब हम इसे एक सामान्य पेय के रूप में देखते हैं। कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में ग्रीन टी पीने वाले लोगों के रक्तचाप में हल्की कमी देखी गई है। यानी संभव है कि ग्रीन टी में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक रक्त वाहिकाओं और शरीर की दूसरी प्रक्रियाओं पर ऐसा असर डालें जिससे BP पर थोड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़े।

लेकिन यहां “थोड़ा” शब्द बहुत महत्वपूर्ण है।

उदाहरण के लिए, 2025 में प्रकाशित एक बड़े systematic review और meta-analysis में 36 randomized controlled trials को एक साथ देखा गया। इन अध्ययनों के संयुक्त परिणामों में ग्रीन टी लेने से systolic BP में औसतन करीब 1.08 mmHg और diastolic BP में लगभग 1.09 mmHg की कमी देखी गई।

अब कोई पूछ सकता है कि 1 mmHg की कमी तो बहुत ज्यादा नहीं है। और यही इस पूरे विषय की सबसे जरूरी बात है। शोधकर्ताओं ने भी इस प्रभाव को बड़ा चिकित्सकीय लाभ नहीं माना। उनका निष्कर्ष यही था कि ग्रीन टी को BP नियंत्रित करने के दूसरे तरीकों के साथ एक सहायक चीज के रूप में देखा जा सकता है, इलाज के रूप में नहीं।

लेकिन क्या सिर्फ यही एक शोध है? नहीं। इससे पहले भी कई शोध हो चुके हैं और उनके नतीजे भी कुछ हद तक इसी दिशा में जाते हैं।

ग्रीन टी और हाई BP पर हुए प्रमुख वैज्ञानिक शोध

ग्रीन टी और ब्लड प्रेशर के बीच संबंध को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने अलग-अलग समय पर कई clinical trials किए हैं। कुछ अध्ययनों में सामान्य ग्रीन टी दी गई, तो कुछ में ग्रीन टी के खास यौगिकों या extract का इस्तेमाल किया गया।

इसी वजह से सभी शोधों में बिल्कुल एक जैसे परिणाम नहीं मिले। फिर भी जब अलग-अलग अध्ययनों को एक साथ देखा गया, तो रक्तचाप में हल्की कमी का संकेत बार-बार सामने आया।

हुआझोंग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चीन का शोध

2020 में हुआझोंग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से जुड़े शोधकर्ताओं ने 24 randomized controlled trials का meta-analysis किया। इन अध्ययनों में कुल 1,697 लोग शामिल थे।

सभी आंकड़ों को एक साथ देखने पर ग्रीन टी लेने वाले लोगों के systolic BP में औसतन 1.17 mmHg और diastolic BP में करीब 1.24 mmHg की कमी मिली।

यह सुनकर लग सकता है कि शायद ग्रीन टी BP को काफी कम कर देती है, लेकिन ऐसा निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। ये ज्यादातर छोटे और अपेक्षाकृत कम अवधि वाले अध्ययन थे। खुद शोधकर्ताओं ने भी कहा था कि लंबे समय तक चलने वाले और बड़े अध्ययनों की जरूरत है, ताकि यह बेहतर तरीके से समझा जा सके कि यह असर लंबे समय तक बना रहता है या नहीं।

यानी इस शोध ने ग्रीन टी के पक्ष में एक संकेत जरूर दिया, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।

पहले किए गए शोधों में क्या सामने आया?

इससे पहले प्रकाशित एक meta-analysis में 13 randomized controlled trials को देखा गया था। इन अध्ययनों में ऐसे लोग भी शामिल थे जिन्हें prehypertension या hypertension था। इस विश्लेषण में भी ग्रीन टी से systolic BP में लगभग 1.98 mmHg की कमी देखी गई।

इस अध्ययन की एक दिलचस्प बात यह थी कि शोधकर्ताओं ने कैफीन के असर को भी ध्यान में रखा। कुछ अध्ययनों में कैफीन के प्रभाव को अलग रखने के लिए decaffeinated green tea या दूसरे तरीके इस्तेमाल किए गए थे। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिली कि ग्रीन टी के संभावित फायदे को सिर्फ कैफीन के कारण मान लेना सही नहीं होगा।

यही बात इस पूरे विषय को थोड़ा दिलचस्प बनाती है। क्योंकि अगर ग्रीन टी में कैफीन है और कैफीन कुछ लोगों का BP बढ़ा सकता है, तो फिर दूसरी तरफ BP में कमी कैसे दिखाई दे रही है?

इसका एक कारण यह हो सकता है कि ग्रीन टी में कैफीन के अलावा कैटेचिन और दूसरे पॉलीफेनॉल जैसे कई प्राकृतिक यौगिक भी होते हैं। लेकिन इन यौगिकों का वास्तविक असर कितना है और किस व्यक्ति में कितना होगा, इस पर अभी और अच्छी गुणवत्ता वाले शोध की जरूरत है। 2025 की समीक्षा ने भी यही दिखाया कि अलग-अलग अध्ययनों में परिणाम काफी अलग रहे और उपलब्ध प्रमाण की गुणवत्ता कम थी।

तो क्या ग्रीन टी हाई BP में फायदेमंद है?

अगर पूरे शोध को एक साथ रखकर बिल्कुल आसान भाषा में कहें, तो ग्रीन टी से BP में थोड़ी कमी आने की संभावना जरूर दिखाई देती है, लेकिन यह कमी इतनी बड़ी नहीं है कि इसे हाई BP का इलाज कहा जाए।

यानी अगर आपको ग्रीन टी पसंद है और इसे पीने के बाद आपको कोई परेशानी नहीं होती, तो सामान्य मात्रा में इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि ग्रीन टी को स्वस्थ पेय माना जाता है, दिन में कई कप पीना शुरू कर देना समझदारी नहीं होगी।

और यहां एक और चीज ध्यान देने लायक है—हर शरीर एक जैसा नहीं होता।

किसी व्यक्ति को ग्रीन टी पीने के बाद अच्छा महसूस हो सकता है, जबकि किसी दूसरे व्यक्ति को कैफीन की वजह से बेचैनी, दिल की धड़कन तेज होने या BP में थोड़ी बढ़ोतरी महसूस हो सकती है। इसलिए अपने शरीर की प्रतिक्रिया को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ग्रीन टी में मौजूद कैफीन का क्या?

यही वह हिस्सा है जिसे हाई BP वाले व्यक्ति को थोड़ा ध्यान से समझना चाहिए।

ग्रीन टी में कैफीन होता है। कैफीन कुछ लोगों में थोड़े समय के लिए रक्तचाप बढ़ा सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि ग्रीन टी हर हाई BP मरीज के लिए खराब है। बस इतना समझना जरूरी है कि “ग्रीन टी प्राकृतिक है, इसलिए इसका कोई असर नहीं होगा”—ऐसा मान लेना सही नहीं है।

अगर आप ग्रीन टी पीते हैं और उसके बाद आपको बेचैनी महसूस होती है, दिल की धड़कन सामान्य से तेज लगती है या BP सामान्य से ज्यादा दिखाई देता है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे में ग्रीन टी की मात्रा कम करना और डॉक्टर से बात करना बेहतर रहेगा।

क्या ग्रीन टी BP की दवा की जगह ले सकती है?

नहीं, बिल्कुल नहीं।

यह बात खास तौर पर इसलिए कहनी जरूरी है क्योंकि इंटरनेट पर अक्सर ऐसी बातें देखने को मिलती हैं कि कुछ प्राकृतिक चीजें BP की दवा की जगह ले सकती हैं। ग्रीन टी के बारे में उपलब्ध शोध ऐसा कोई प्रमाण नहीं देते।

शोधों में जो फायदा दिखाई दिया है, वह बहुत छोटा है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति पहले से BP की दवा ले रहा है, तो सिर्फ ग्रीन टी पीना शुरू करने के बाद दवा बंद कर देना या उसकी मात्रा बदल देना सही नहीं होगा।

BP को नियंत्रित रखने में डॉक्टर की सलाह, सही दवा, खान-पान, शारीरिक गतिविधि, वजन और नियमित BP जांच—इन सबकी अपनी जगह है। ग्रीन टी इन चीजों की जगह नहीं ले सकती।

हाई BP में ग्रीन टी कितनी पीनी चाहिए?

इस सवाल का जवाब थोड़ा सावधानी से देना होगा, क्योंकि सभी हाई BP मरीजों के लिए ग्रीन टी की कोई एक निश्चित मात्रा वैज्ञानिक रूप से तय नहीं है।

2025 की बड़ी समीक्षा में भी ग्रीन टी की मात्रा और BP में कमी के बीच कोई साफ dose-response संबंध नहीं मिला। यानी ऐसा प्रमाण नहीं है कि जितनी ज्यादा ग्रीन टी पिएंगे, BP उतना ही ज्यादा कम होगा।

इसलिए सिर्फ BP कम करने के लिए बहुत ज्यादा ग्रीन टी पीना सही तरीका नहीं है। सामान्य मात्रा में सेवन करना ज्यादा व्यावहारिक है और अगर आप पहले से किसी बीमारी या दवा के कारण विशेष सावधानी बरतते हैं, तो अपने डॉक्टर से पूछना बेहतर रहेगा।

क्या ग्रीन टी पीने से BP तुरंत कम हो जाता है?

नहीं।

ग्रीन टी को ऐसी चीज नहीं समझना चाहिए जिसे पीते ही बढ़ा हुआ BP नीचे आ जाएगा। जिन शोधों में फायदा देखा गया, उनमें लोगों ने कुछ समय तक ग्रीन टी का सेवन किया था और उसके बाद औसत BP में छोटी कमी देखी गई थी।

इसलिए अगर किसी समय आपका BP बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है, तो ग्रीन टी पीकर उसे ठीक करने की कोशिश करना सही नहीं है। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह ज्यादा महत्वपूर्ण है।

आखिर में क्या समझें?

तो पूरी बात को अगर बहुत आसान तरीके से समझें, तो ग्रीन टी को लेकर डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे लेकर जरूरत से ज्यादा उम्मीद रखना भी ठीक नहीं होगा।

वैज्ञानिक अध्ययनों में ग्रीन टी से रक्तचाप में हल्की कमी जरूर दिखाई दी है। 2025 की सबसे बड़ी हालिया समीक्षा में 36 randomized controlled trials के आंकड़ों को मिलाने पर systolic और diastolic दोनों BP में लगभग 1 mmHg की औसत कमी मिली। लेकिन शोधकर्ताओं ने खुद इसे सीमित प्रभाव माना और ग्रीन टी को इलाज के बजाय एक सहायक उपाय के रूप में देखने की बात कही।

इसलिए अगर आपको ग्रीन टी पसंद है और डॉक्टर ने इसे लेकर कोई खास मनाही नहीं की है, तो सामान्य मात्रा में इसे पी सकते हैं। बस इसे अपनी BP की दवा का विकल्प न समझें और न ही केवल इसके भरोसे अपना इलाज बदलें।

आखिर हाई BP को संभालने में किसी एक चीज का कमाल नहीं होता। रोजमर्रा की छोटी-छोटी अच्छी आदतें मिलकर फर्क पैदा करती हैं। ग्रीन टी उन आदतों में से एक हो सकती है, लेकिन पूरी कहानी नहीं।

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