सुबह उठकर एक कप गर्म चाय पीना बहुत से पुरुषों की रोज की आदत होती है। किसी को दूध वाली चाय पसंद होती है, तो कोई ग्रीन टी को ज्यादा हेल्दी मानता है। वहीं कुछ लोग अदरक, तुलसी या दालचीनी वाली चाय को अपनी सेहत के लिए बेहतर समझते हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर पुरुषों के लिए कौन सी चाय सबसे हेल्दी मानी जाती है?
अगर सामान्य रूप से देखा जाए तो बिना ज्यादा चीनी वाली ग्रीन टी एक अच्छा विकल्प हो सकती है, क्योंकि इसमें पॉलीफेनॉल जैसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पुरुषों के लिए केवल ग्रीन टी ही फायदेमंद है। आपकी जरूरत, पसंद और स्वास्थ्य के अनुसार ब्लैक टी और कुछ हर्बल टी भी अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
1. ग्रीन टी – रोजाना पीने के लिए अच्छा विकल्प
अगर आप मुझसे पूछें कि सामान्य रूप से पुरुषों के लिए कौन सी चाय एक हेल्दी विकल्प हो सकती है, तो मैं ग्रीन टी का नाम जरूर लूंगा।
ग्रीन टी में कैटेचिन नाम के पॉलीफेनॉल पाए जाते हैं। इनमें EGCG भी शामिल है, जिस पर स्वास्थ्य से जुड़े कई वैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं। ग्रीन टी में कैफीन भी होता है, लेकिन आम तौर पर इसकी मात्रा कॉफी से कम होती है।
इसकी खास बात यह है कि अगर आप इसे बिना चीनी या बहुत कम चीनी के साथ पीते हैं, तो यह रोज की डाइट में आसानी से शामिल की जा सकती है।
हालांकि, ग्रीन टी को कोई जादुई ड्रिंक समझने की जरूरत नहीं है। सिर्फ ग्रीन टी पीने से कोई व्यक्ति अचानक स्वस्थ नहीं हो जाता। असली फायदा तब होता है जब इसके साथ खान-पान और जीवनशैली भी अच्छी हो।
2. ब्लैक टी – अगर आपको तेज स्वाद और ताजगी पसंद है
हर किसी को ग्रीन टी का स्वाद पसंद आए, यह जरूरी नहीं है। कई पुरुषों को सुबह की कड़क चाय ही पसंद आती है। ऐसे लोगों के लिए ब्लैक टी भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
ब्लैक टी में पॉलीफेनॉल होते हैं और इसमें कैफीन भी पाया जाता है। यही वजह है कि सुबह या काम के दौरान इसे पीने से कई लोगों को अधिक सतर्क और एक्टिव महसूस होता है।
लेकिन यहां एक छोटी सी बात याद रखने वाली है। अगर ब्लैक टी पीने के बाद आपको बेचैनी होने लगे, नींद खराब हो या धड़कन तेज महसूस हो, तो आपको इसकी मात्रा कम करनी चाहिए।
यानी सिर्फ इसलिए कि ब्लैक टी लोकप्रिय है, आपको इसे जरूरत से ज्यादा पीने की जरूरत नहीं है।
3. अदरक की चाय – स्वाद के साथ एक अच्छा विकल्प
अब बात करते हैं उस चाय की जिसकी खुशबू आते ही बहुत से लोगों को चाय पीने का मन हो जाता है—अदरक वाली चाय।
अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से खाने-पीने की चीजों में किया जाता रहा है। कुछ लोगों को अदरक वाली चाय भोजन के बाद या मौसम बदलने के समय काफी अच्छी लगती है।
अगर आप दूध वाली अदरक की चाय पीते हैं तो उसमें चीनी की मात्रा पर जरूर ध्यान दें। क्योंकि कई बार हम अदरक को हेल्दी समझकर चाय में तीन-चार चम्मच चीनी डाल देते हैं और फिर उसे हेल्दी चाय मान लेते हैं।
इसलिए अदरक का फायदा लेना है तो चाय को बहुत ज्यादा मीठा करने से बचना बेहतर है।
4. कैमोमाइल टी – रात के समय कैफीन से बचना हो तो
अगर आपकी आदत शाम या रात में चाय पीने की है, तो यहां थोड़ी सावधानी जरूरी है। कैफीन वाली चाय देर रात पीने से कुछ लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है।
ऐसे में कैमोमाइल टी जैसे कैफीन-फ्री विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
बहुत से लोग इसे सोने से पहले आराम करने वाली अपनी routine का हिस्सा बनाते हैं। हालांकि, इसे नींद की बीमारी का इलाज समझना सही नहीं होगा।
अगर आपको लंबे समय से नींद आने में परेशानी है, तो केवल चाय बदलने के बजाय उसके वास्तविक कारण पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
5. पेपरमिंट टी – हल्की और कैफीन-फ्री
पेपरमिंट टी भी उन लोगों के लिए एक विकल्प है जो शाम के समय गर्म पेय लेना चाहते हैं लेकिन कैफीन नहीं लेना चाहते।
इसका स्वाद बाकी चाय से काफी अलग और refreshing होता है। भोजन के बाद कुछ लोगों को इसका स्वाद खास तौर पर अच्छा लगता है।
लेकिन अगर आपको अक्सर एसिडिटी या acid reflux की शिकायत रहती है, तो पेपरमिंट हर व्यक्ति के लिए सही विकल्प नहीं हो सकती। कुछ लोगों में इससे reflux के लक्षण बढ़ सकते हैं।
इसलिए यहां भी वही बात लागू होती है—जो चाय एक व्यक्ति को suit करती है, जरूरी नहीं कि दूसरे व्यक्ति को भी करे।
6. हल्दी वाली चाय – पारंपरिक पसंद
हमारे घरों में हल्दी का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है। दूध, गर्म पानी या चाय में हल्दी मिलाकर पीने की परंपरा कई परिवारों में आज भी देखने को मिलती है।
हल्दी में curcumin नाम का एक प्रमुख यौगिक पाया जाता है, जिस पर सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस जैसे विषयों को लेकर वैज्ञानिक शोध हुए हैं।
लेकिन यहां भी अति करने की जरूरत नहीं है। हल्दी वाली चाय को किसी बीमारी की दवा समझना या यह मान लेना कि इसे रोज पीने से शरीर की हर समस्या दूर हो जाएगी, सही नहीं है।
और अगर आप इसमें काफी ज्यादा चीनी डाल रहे हैं, तो उस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
7. दालचीनी वाली चाय – स्वाद बदलने का अच्छा तरीका
अगर आपको रोज एक जैसी चाय पीते-पीते बोरियत होने लगी है, तो कभी-कभी दालचीनी वाली चाय भी आजमा सकते हैं।
दालचीनी चाय को एक अलग खुशबू और स्वाद देती है। दालचीनी और ब्लड शुगर से जुड़े कुछ वैज्ञानिक अध्ययन भी हुए हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज वाले व्यक्ति अपनी दवा छोड़कर दालचीनी की चाय पीना शुरू कर दें।
इसे एक सामान्य खाद्य सामग्री की तरह लेना ज्यादा सही है, किसी इलाज की तरह नहीं।