सुबह उठते ही एक कप गर्म चाय पीना बहुत से लोगों की रोजमर्रा की आदत होती है। किसी के लिए यह दिन की शुरुआत का जरूरी हिस्सा है, तो किसी के लिए थकान दूर करने का आसान तरीका। लेकिन जब किसी व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है और डॉक्टर उसे चाय कम करने की सलाह देते हैं, तो उसके मन में स्वाभाविक रूप से सवाल उठता है—आखिर चाय और ब्लड प्रेशर का क्या संबंध है?
इस सवाल का सबसे सीधा जवाब चाय में मौजूद कैफीन से जुड़ा है। कैफीन कुछ लोगों में चाय पीने के बाद थोड़े समय के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। इसलिए हाई BP होने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को चाय पूरी तरह छोड़नी ही पड़ेगी। लेकिन चाय और BP के बीच इस संबंध को समझने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि चाय पीने के बाद उसमे मौजूद कैफीन शरीर पर क्या प्रभाव डालता है।
चाय में मौजूद Caffeine BP को कैसे प्रभावित करती है?
जैसा की हम अपने पहले के लेखो में भी बता चुके है की चाय में मौजूद कैफीन व्यक्ति के शरीर में एक stimulant की तरह काम करता है यानी यह कुछ समय के लिए nervous system को अधिक सक्रिय कर देता है। इसी वजह से कुछ लोगों में चाय पीने के बाद दिल की धड़कन तेज महसूस हो सकती है और ब्लड प्रेशर भी थोड़ी देर के लिए बढ़ सकता है।
यही वह वजह है जिसके कारण हाई BP वाले व्यक्ति को डॉक्टर caffeine का सेवन सीमित करने की सलाह दे सकते हैं। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। चाय पीने के बाद कुछ समय के लिए BP बढ़ना और लंबे समय तक हाई BP बने रहना एक ही बात नहीं है। कैफीन का असर अक्सर अस्थायी होता है और यह व्यक्ति की caffeine sensitivity, उसकी रोज की आदत और उस समय की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है।
क्या हाई ब्लड प्रेसर के मरीज को बिलकुल भी चाय नहीं पीनी चाहिए।
नहीं, हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) होने का मतलब यह नहीं है कि आपको चाय पूरी तरह छोड़नी पड़ेगी। ब्लड प्रेशर के मरीज सीमित मात्रा में दूध वाली सामान्य चाय पी सकते हैं। हालांकि, चाय में मौजूद कैफीन की मात्रा को ध्यान में रखना जरूरी है। आमतौर पर दिन में 1 से 2 कप चाय (लगभग 150–200 मिलीलीटर) तक सीमित रखना बेहतर माना जाता है।
कुछ लोगों में कैफीन लेने के बाद थोड़े समय के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इसलिए अगर चाय पीने के बाद आपको घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना या बीपी बढ़ने जैसी परेशानी महसूस होती है तो चाय की मात्रा कम करना बेहतर रहेगा।
चाय पीने के जरूरी नियम
- कम मात्रा में चाय पिएं: चाय में मौजूद कैफीन ब्लड प्रेशर को कुछ समय के लिए बढ़ा सकता है। इसलिए दिनभर में कई कप चाय पीने के बजाय इसकी मात्रा सीमित रखें। खासकर अगर आपका ब्लड प्रेशर पहले से नियंत्रित नहीं रहता है तो ज्यादा चाय से बचना बेहतर है।
- खाली पेट चाय न पिएं: सुबह उठते ही खाली पेट चाय पीने की आदत से बचें। खाली पेट चाय कुछ लोगों में एसिडिटी या पेट से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकती है। तनाव या एंजाइटी के दौरान भी ज्यादा चाय पीने से घबराहट और बेचैनी बढ़ सकती है।
- चीनी का कम इस्तेमाल करें: चाय में ज्यादा चीनी डालने से इसका सेवन आपकी सेहत के लिए कम फायदेमंद हो जाता है। इसलिए चाय में चीनी की मात्रा कम रखें। इसी तरह जरूरत से ज्यादा दूध डालने से भी चाय भारी हो सकती है।
बेहतर विकल्प
- ग्रीन टी (Green Tea): ग्रीन टी में कैटेचिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। अगर आपको ग्रीन टी पसंद है तो इसे सामान्य चाय के एक विकल्प के रूप में लिया जा सकता है। दिन में 2 से 3 कप तक इसका सेवन किया जाता है, लेकिन इसमें भी कैफीन मौजूद होने के कारण मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
- हर्बल टी: हर्बल टी की कुछ किस्में कैफीन रहित होती हैं, इसलिए ये सामान्य चाय का एक अच्छा विकल्प बन सकती हैं। हिबिस्कस (गुड़हल) की चाय भी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करने वाले विकल्पों में शामिल की जाती है। हालांकि, किसी भी हर्बल चाय को नियमित रूप से लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह आपकी दवाओं या स्वास्थ्य स्थिति के अनुकूल है या नहीं।
निष्कर्ष
डॉक्टर हाई BP में चाय कम पीने की सलाह मुख्य रूप से इसलिए देते हैं क्योंकि चाय में मौजूद caffeine कुछ लोगों में थोड़े समय के लिए blood pressure बढ़ा सकता है। यह प्रभाव हर व्यक्ति में समान नहीं होता और नियमित caffeine लेने वालों में इसका असर अलग हो सकता है।
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Frequently Asked Questions
नहीं, हर हाई BP मरीज को चाय पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। चाय में मौजूद caffeine कुछ लोगों में थोड़े समय के लिए BP बढ़ा सकता है। इसलिए आमतौर पर चाय की मात्रा और कुल caffeine सेवन को नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है।
चाय में caffeine होता है, जो कुछ लोगों में nervous system को stimulate करके थोड़े समय के लिए blood pressure बढ़ा सकता है। यही कारण है कि खासकर uncontrolled या बहुत ज्यादा BP वाले लोगों को caffeine का सेवन सीमित रखने की सलाह दी जाती है।
दूध वाली चाय में मौजूद दूध की तुलना में caffeine ज्यादा महत्वपूर्ण factor है। हालांकि अगर चाय में बहुत ज्यादा चीनी डाली जाती है और दिन में कई कप पी जाती है, तो अतिरिक्त calories और sugar भी overall health और weight management को प्रभावित कर सकते हैं।
इसकी कोई एक मात्रा हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होती। चाय की strength और उसमें मौजूद caffeine अलग-अलग हो सकता है। 2025 AHA/ACC hypertension guideline सामान्यतः caffeine को 300 mg प्रतिदिन से कम रखने की सलाह देती है। अगर BP बहुत ज्यादा या uncontrolled है, तो डॉक्टर अधिक सख्त सीमा सुझा सकते हैं।